वार्षिकोत्सव एवं पुरस्कार वितरण समारोहशासकीय गुण्डाधुर स्नातकोत्तर महाविद्यालय, कोंडागांव में प्राचार्य डॉ. सरला आत्राम के निर्देशन एवं मार्गदर्शन में वार्षिकोत्सव एवं पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन अत्यंत भव्य, सुव्यवस्थित एवं गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। समारोह के मुख्य अतिथि नगर पालिका परिषद कोंडागांव के अध्यक्ष श्री नरपति पटेल तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में गणमान्य नागरिक श्री कुलवंत चहल एवं ग्राम केरावाही के ग्रामप्रमुख श्री बलिराम नेताम की गरिमामयी उपस्थिति ने आयोजन को विशेष महत्व प्रदान किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ पारंपरिक विधि-विधान के साथ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन एवं राजकीय गीत के सामूहिक गान से हुआ, जिसने समूचे मुक्ताकाशी मंच में राष्ट्रभावना एवं अनुशासन का वातावरण निर्मित किया। इसके पश्चात महाविद्यालय के वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. पुरोहित कुमार सोरी द्वारा वार्षिक प्रतिवेदन का विस्तृत वाचन करते हुए महाविद्यालय की वर्षभर की शैक्षणिक, खेलकूद, सांस्कृतिक एवं सामाजिक गतिविधियों का समग्र प्रतिवेदन अतिथियों के समक्ष प्रस्तुत किया गया।
प्रतिवेदन में महाविद्यालय की वर्तमान छात्रसंख्या, अधोसंरचनात्मक विकास, शैक्षणिक गुणवत्ता संवर्धन हेतु किए गए प्रयासों एवं विद्यार्थियों की उत्कृष्ट उपलब्धियों का विशेष उल्लेख किया गया। इस वर्ष महाविद्यालय के 18 विद्यार्थियों का विश्वविद्यालय की मेरिट सूची में स्थान प्राप्त करना संस्थान के लिए गर्व का विषय रहा। अर्थशास्त्र विभाग की मेधावी छात्रा अदिति तिवारी को विश्वविद्यालय स्तर पर स्वर्ण पदक प्राप्त होने की उपलब्धि को विशेष रूप से रेखांकित किया गया। इसके अतिरिक्त एनसीसी एवं एनएसएस इकाइयों द्वारा राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता, सामाजिक जागरूकता अभियानों, स्वच्छता कार्यक्रमों, वृक्षारोपण, स्वास्थ्य शिविरों एवं ग्राम सेवा गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों में सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करने के प्रयासों का उल्लेख किया गया। साथ ही महाविद्यालय प्रशासन द्वारा विद्यार्थियों के लिए स्मार्ट क्लास, पुस्तकालय सुदृढ़ीकरण, कैरियर मार्गदर्शन एवं प्रतियोगी परीक्षा उन्मुखीकरण हेतु किए जा रहे प्रयासों के साथ-साथ संस्थान के समक्ष अधोसंरचना एवं संसाधन संबंधी चुनौतियों को भी अतिथियों के समक्ष रखा गया।
विशिष्ट अतिथि श्री बलिराम नेताम ने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में विद्यार्थियों को अनुशासन, निरंतर अभ्यास एवं सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने का संदेश देते हुए कहा कि शिक्षा के साथ-साथ खेल एवं सांस्कृतिक गतिविधियों में सहभागिता से व्यक्तित्व का समग्र विकास संभव है।
मुख्य अतिथि श्री नरपति पटेल ने अपने संबोधन में महाविद्यालय की शैक्षणिक उपलब्धियों की सराहना करते हुए विद्यार्थियों को प्रतिस्पर्धात्मक युग में आगे बढ़ने हेतु नवाचार, तकनीकी दक्षता एवं सामाजिक संवेदनशीलता के साथ कार्य करने की प्रेरणा दी।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहीं महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. सरला आत्राम ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि वार्षिकोत्सव न केवल विद्यार्थियों की प्रतिभा को मंच प्रदान करता है, बल्कि उनमें नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास एवं टीम भावना का भी विकास करता है। उन्होंने सभी पुरस्कार प्राप्त विद्यार्थियों को बधाई देते हुए भविष्य में और उत्कृष्ट प्रदर्शन हेतु प्रेरित किया।
इस अवसर पर वर्षभर आयोजित विभिन्न शैक्षणिक, साहित्यिक, खेलकूद एवं सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथियों के करकमलों से प्रशस्ति-पत्र एवं पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया। तत्पश्चात अतिथियों को स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम का संचालन सहायक प्रध्यापक श्री नसीर अहमद और डॉ. आकाश वासनीकर के द्वारा किया गया।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला में छात्र-छात्राओं द्वारा गीत, नृत्य, नाटक एवं रैम्प वॉक की आकर्षक एवं मनमोहक प्रस्तुतियां दी गईं। एकल गीत गायन प्रतियोगिता में छात्रा खिलेश्वरी ने “तूने ओ रंगीले” गीत की भावपूर्ण प्रस्तुति देकर प्रथम स्थान प्राप्त कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया, जबकि रूपमणी ने “मोर छत्तीसगढ़ महतारी” गीत प्रस्तुत कर द्वितीय स्थान अर्जित किया। एकल नृत्य प्रतियोगिता में “अप्सरा आली” गीत पर प्रस्तुत मनोहारी नृत्य ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, वहीं प्रतिमा ने अपनी प्रभावशाली प्रस्तुति से द्वितीय स्थान हासिल किया।
समारोह में छात्र-छात्राओं की उत्साहपूर्ण सहभागिता एवं प्रस्तुति ने आयोजन को अत्यंत सफल एवं यादगार बना दिया। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।