शासकीय उपाधि महाविद्यालय, कोडागाँव नाम से सन् 1982 से स्थापित हमारा महाविद्यालय वर्तमान में शासकीय गुण्डाधूर स्नातकोत्तर महाविद्यालय, कोण्डागाँव के नाम से पहचाना जाता है| सन् 1982 से ही महाविद्यालय में स्नातक स्तर में हिंदी साहित्य तथा हिंदी भाषा की कक्षाओं का शुभारंभ हुआ| सत्र 2006- 07 से स्नातकोत्तर स्तर में जनभागीदारी मद से हिंदी की कक्षा प्रारंभ हुई| हिंदी विभाग में एक पद प्राध्यापक और एक पद सहायक प्राध्यापक हेतु स्वीकृत है| वर्तमान में नियमित सहायक प्राध्यापक के पद पर श्री विनय कुमार देवाँगन एवं अतिथि प्राध्यापक के रूप में श्रीमती सिहनु लांबा अपनी सेवाएँ दे रहे हैं| 

                अध्ययन के अलावा शैक्षणेत्तर गतिविधियों के प्रति भी विद्यार्थियों में रुचि उत्पन्न करने एवं विद्यार्थियों के व्यक्तित्व के विकास के लिए हिंदी विभाग द्वारा 'हिंदी साहित्य परिषद्' का गठन प्रतिवर्ष किया जाता है, जिसमें छात्र-छात्राओं को उच्चतम अंक के आधार पर विभिन्न पदों पर मनोनीत किया जाता है| 

                छात्रों के सृजनात्मक एवं रचनात्मक दक्षता का उद्घाटन करने के उद्देश्य से महाविद्यालय परिवार के द्वारा प्रतिवर्ष महाविद्यालयीन पत्रिका 'सृजन' का प्रकाशन किया जाता है, जिसके वर्तमान संपादक हिंदी विभाग के सहायक प्राध्यापक श्री विनय कुमार देवाँगन हैं| महाविद्यालयीन पत्रिका महाविद्यालय के प्रगति, भावी योजनाओं को प्रस्तुत करने का सशक्त माध्यम होने के साथ-साथ छात्र-छात्राओं के मनोवृत्तियों, विचारों और उनकी लेखन कौशल शक्ति को अभिव्यक्त करने का प्रबल साधन होती है| हिंदी विभाग महाविद्यालयीन पत्रिका से जुड़कर विद्यार्थियों के रचनात्मक प्रतिभा के विकास के साथ ही उनके सर्वांगीण विकास के लिए सदैव प्रतिबद्ध है|

संकल्पना:-

समाज के समन्वित विकास में शिक्षा की अनिवार्यता को दृष्टिगत रखते हुए पारंपरिक ज्ञान  सृजनात्मक  संभावनाओं  

का दोहन तथा उच्च शिक्षा के जनतंत्रीकरण की दृष्टि से बौद्धिक संसाधन का विकास|

 

 

उद्देश्य:-

(1) भाषिक दक्षता का विकास। 

(2) सम्प्रेषण कला में निपुणता। 

(3) साहित्यिक अभिरूचि का विकास। 

(4) रोजगारोन्मुखी दक्षता का विकास। 

(5) छात्राओं की अन्तर्निहित क्षमताओं का विकास। 

(6) सांस्कृतिक एवं राष्ट्रीय चेतना का संवर्द्धन। 

(7) स्वास्थ्य एवं पर्यावरण चेतना का विकास। 

(8) सशक्तिकरण एवं स्वावलंबन की प्रेरणा।